विद्वस् शब्दरूप (सकारान्त पुल्लिंग)-Vidwas Shabdroop



विद्वस् सकारान्त पुल्लिंग शब्द रूप (Vidvas Shabd Roop in Sanskrit)

संस्कृत व्याकरण में विद्वस् (विद्वान् / ज्ञानी) सकारान्त पुल्लिंग संज्ञा शब्द है। यदि आप विद्वस् शब्द के रूप याद कर लेते हैं, तो आप संस्कृत में विद्वान व्यक्तियों के लिए प्रयुक्त होने वाले विभिन्न विभक्तियों के रूपों को आसानी से समझ और लिख सकते हैं।

विद्वस् पुल्लिंग शब्द रूप तालिका (Vidvas Shabd Roop Table)

विभक्ति (Vibhakti) एकवचनम् (Ekavachanam) द्विवचनम् (Dvivachanam) बहुवचनम् (Bahuvachanam)
प्रथमा विद्वान् विद्वांसौ विद्वांसः
द्वितीया विद्वांसम् विद्वांसौ विदुषः
तृतीया विदुषा विद्वद्भ्याम् विद्वद्भिः
चतुर्थी विदुषे विद्वद्भ्याम् विद्वद्भ्यः
पञ्चमी विदुषः विद्वद्भ्याम् विद्वद्भ्यः
षष्ठी विदुषः विदुषोः विदुषाम्
सप्तमी विदुषि विदुषोः विद्वत्सु
सम्बोधनम् हे विद्वान्! हे विद्वांसौ! हे विद्वांसः!

महत्वपूर्ण बिंदु (Key Points):

  • विद्वस् शब्द सकारान्त (मूल रूप के अंत में 'स्' ध्वनि वाला) और पुल्लिंग संज्ञा शब्द है।
  • द्वितीया बहुवचन से लेकर आगे के अजादि विभक्तियों (स्वर से शुरू होने वाली विभक्तियों) में 'विद्वस्' का रूप 'विदुष्' हो जाता है (जैसे: विदुषः, विदुषा, विदुषे आदि)।
  • हलादि विभक्तियों (व्यंजन से शुरू होने वाली विभक्तियों) में 'स्' का 'द्' हो जाता है (जैसे: विद्वद्भ्याम्, विद्वद्भिः, विद्वत्सु)।
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