रावणकृतशिवताण्डवस्तोत्रम्
जटाटवीगलज्जलप्रवाहपावितस्थले गलेवलम्ब्य लम्बितां भुजङ्गतुङ्गमालिकाम् । डमड्डमड्डमड्डमन्निनादवड…
जटाटवीगलज्जलप्रवाहपावितस्थले गलेवलम्ब्य लम्बितां भुजङ्गतुङ्गमालिकाम् । डमड्डमड्डमड्डमन्निनादवड…
अङ्गं हरेः पुलकभूषणमाश्रयन्तीभृङ्गाङ्गनेव मुकुलाभरणं तमालम्। अङ्ग…