पा (पिब्) धातु रूप (Pa Dhatu Roop in Sanskrit)
संस्कृत भाषा में 'पा' (पिब्) (पीना / To Drink) परस्मैपद धातु के पाँचों लकारों (लट्, लृट्, लङ्, लोट् एवं विधिलिङ्) के शब्द रूप, हिंदी अर्थ एवं वाक्य प्रयोग।
🥛 पा (पिब्) धातु परिचय (Introduction)
संस्कृत व्याकरण में 'पा' धातु का प्रयोग 'पीना' (To Drink) के अर्थ में किया जाता है। यह परस्मैपदी धातु है तथा भ्वादिगण (प्रथम गण) के अंतर्गत आती है। पा धातु में एक विशेष नियम यह है कि लट्, लङ्, लोट् तथा विधिलिङ् लकार में 'पा' के स्थान पर 'पिब्' आदेश हो जाता है (जैसे: पिबति, अपिबत्, पिबतु, पिबेत्), किन्तु लृट् लकार (भविष्यत् काल) में यह आदेश नहीं होता और रूप मूल धातु से 'पास्यति' ही बनता है।
1. लट् लकार - पा धातु (वर्तमान काल)
Present Tenseवर्तमान समय में पीने की क्रिया को प्रकट करने के लिए लट् लकार का प्रयोग होता है (इसमें 'पिब्' रूप बनता है):
| पुरुषः | एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् |
|---|---|---|---|
| प्रथम पुरुषः | पिबति | पिबतः | पिबन्ति |
| मध्यम पुरुषः | पिबसि | पिबथः | पिबथ |
| उत्तम पुरुषः | पिबामि | पिबावः | पिबामः |
- बालकः दुग्धम् पिबति। — बालक दूध पीता है। (The boy drinks milk)
- त्वम् जलम् पिबसि। — तुम जल पीते हो। (You drink water)
- अहम् रसम् पिबामि। — मैं रस पीता हूँ। (I drink juice)
2. लृट् लकार - पा धातु (भविष्यत् काल)
Future Tenseविशेष ध्यान दें: लृट् लकार (भविष्यत् काल) में पा धातु को 'पिब्' आदेश नहीं होता, बल्कि मूल रूप 'पा' में 'स्य' प्रत्यय लगकर 'पास्यति' रूप बनता है ('पिबिष्यति' नहीं होता):
| पुरुषः | एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् |
|---|---|---|---|
| प्रथम पुरुषः | पास्यति | पास्यतः | पास्यन्ति |
| मध्यम पुरुषः | पास्यसि | पास्यथः | पास्यथ |
| उत्तम पुरुषः | पास्यामि | पास्यावः | पास्यामः |
- सः शीतलजलम् पास्यति। — वह ठंडा जल पिएगा।
- युवाम् मधुरं दुग्धम् पास्यथः? — तुम दोनों मीठा दूध पीओगे?
- वयम् जलम् पास्यामः। — हम सब जल पिएंगे।
3. लङ् लकार - पा धातु (अनद्यतन भूतकाल)
Past Tenseभूतकाल (बीते हुए समय) में पीने की क्रिया को दर्शाने के लिए लङ् लकार का प्रयोग होता है:
| पुरुषः | एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् |
|---|---|---|---|
| प्रथम पुरुषः | अपिबत् | अपिबताम् | अपिबन् |
| मध्यम पुरुषः | अपिबः | अपिबतम् | अपिबत |
| उत्तम पुरुषः | अपिबम् | अपिबाव | अपिबाम |
- तृषितः पथिकः जलम् अपिबत्। — प्यासे यात्री ने पानी पिया।
- शिशवः दुग्धम् अपिबन्। — बच्चों ने दूध पिया।
- अहम् प्रातः औषधम् अपिबम्। — मैंने सुबह दवा पी।
4. लोट् लकार - पा धातु (आज्ञा / प्रार्थना)
Imperative Moodआज्ञा देने, पीने का निर्देश देने या अनुमति लेने के लिए लोट् लकार का प्रयोग किया जाता है:
| पुरुषः | एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् |
|---|---|---|---|
| प्रथम पुरुषः | पिबतु | पिबताम् | पिबन्तु |
| मध्यम पुरुषः | पिब | पिबतम् | पिबत |
| उत्तम पुरुषः | पिबानि | पिबाव | पिबाम |
- बालकः स्वच्छं जलम् पिबतु। — बालक स्वच्छ जल पिए। (Let the boy drink clean water)
- त्वम् दुग्धम् पिब। — तुम दूध पीओ। (You drink milk)
- किम् अहम् जलम् पिबानि? — क्या मैं पानी पियूँ? (May I drink water?)
5. विधिलिङ् लकार - पा धातु (चाहिए अर्थ में)
Potential Moodचाहिए अर्थ, सम्भावना या स्वास्थ्य रक्षा हेतु परामर्श देने के लिए विधिलिङ् लकार का प्रयोग होता है:
| पुरुषः | एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् |
|---|---|---|---|
| प्रथम पुरुषः | पिबेत् | पिबेताम् | पिबेयुः |
| मध्यम पुरुषः | पिबेः | पिबेतम् | पिबेत |
| उत्तम पुरुषः | पिबेयम् | पिबेव | पिबेम |
- नित्यं शुद्धं जलम् पिबेत्। — रोज शुद्ध जल पीना चाहिए।
- त्वम् उष्णं जलम् पिबेः। — तुम्हें गरम पानी पीना चाहिए।
- वयम् पर्याप्तं जलम् पिबेम। — हमें पर्याप्त जल पीना चाहिए।
📌 पा (पिब्) धातु रूप याद रखने के मुख्य नियम (Memory Tips)
- पा ➔ पिब् परिवर्तन: पा धातु को लट्, लङ्, लोट् और विधिलिङ् में 'पिब्' आदेश होता है (जैसे: पिबति, अपिबत्, पिबतु, पिबेत्)।
- लृट् लकार में मुख्य अपवाद (अति महत्वपूर्ण): लृट् लकार (भविष्यत् काल) में 'पिब्' आदेश नहीं होता है। यहाँ मूल 'पा' धातु में 'स्य' प्रत्यय जुड़कर पास्यति, पास्यतः, पास्यन्ति रूप बनता है ('पिबिष्यति' या 'पिस्यति' नहीं बनता)। यह CTET, UPTET, TGT/PGT परीक्षाओं का पसंदीदा प्रश्न है।
- लङ् लकार (भूतकाल): इसके प्रारंभ में उपसर्ग की तरह 'अ' (अपिबत्) जुड़ता है।
- L-Shape विसर्ग नियम: लट् एवं लृट् लकार में विसर्ग (ः) L-आकार में प्रथम पुरुष द्विवचन, मध्यम पुरुष द्विवचन, उत्तम पुरुष द्विवचन एवं बहुवचन पर लगता है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
उत्तर: पा धातु का लृट् लकार प्रथम पुरुष एकवचन 'पास्यति' होता है।
उत्तर: पा धातु को लट्, लङ्, लोट् और विधिलिङ् लकार में 'पिब्' आदेश होता है।
