क्रीड् धातु रूप (Kreed Dhatu Roop in Sanskrit)
संस्कृत भाषा में 'क्रीड्' (खेलना / To Play) परस्मैपद धातु के पाँचों लकारों (लट्, लृट्, लङ्, लोट् एवं विधिलिङ्) के शब्द रूप, हिंदी अर्थ एवं वाक्य प्रयोग।
⚽ क्रीड् धातु परिचय (Introduction)
संस्कृत व्याकरण में 'क्रीड्' धातु का प्रयोग 'खेलना' (To Play) के अर्थ में किया जाता है। यह परस्मैपदी धातु है तथा भ्वादिगण (प्रथम गण) के अंतर्गत आती है। क्रीड् धातु के रूप 'पठ्' धातु की भाँति ही अति सरल एवं सुगम रीति से सिद्ध होते हैं।
1. लट् लकार - क्रीड् धातु (वर्तमान काल)
Present Tenseवर्तमान समय में खेलने की क्रिया को दर्शाने के लिए लट् लकार का प्रयोग किया जाता है:
| पुरुषः | एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् |
|---|---|---|---|
| प्रथम पुरुषः | क्रीडति | क्रीडतः | क्रीडन्ति |
| मध्यम पुरुषः | क्रीडसि | क्रीडथः | क्रीडथ |
| उत्तम पुरुषः | क्रीडामि | क्रीडावः | क्रीडामः |
- बालकः क्रीडांगणे क्रीडति। — बालक खेल के मैदान में खेलता है। (The boy plays in the playground)
- त्वम् कन्दुकेन क्रीडसि। — तुम गेंद से खेलते हो। (You play with a ball)
- अहम् मित्रैः सह क्रीडामि। — मैं मित्रों के साथ खेलता हूँ। (I play with friends)
2. लृट् लकार - क्रीड् धातु (भविष्यत् काल)
Future Tenseभविष्य में होने वाली खेलने की क्रिया को व्यक्त करने के लिए लृट् लकार का प्रयोग होता है:
| पुरुषः | एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् |
|---|---|---|---|
| प्रथम पुरुषः | क्रीडिष्यति | क्रीडिष्यतः | क्रीडिष्यन्ति |
| मध्यम पुरुषः | क्रीडिष्यसि | क्रीडिष्यथः | क्रीडिष्यथ |
| उत्तम पुरुषः | क्रीडिष्यामि | क्रीडिष्यावः | क्रीडिष्यामः |
- बालकाः सायं क्रीडिष्यन्ति। — बालक शाम को खेलेंगे।
- युवाम् कुत्र क्रीडिष्यथः? — तुम दोनों कहाँ खेलोगे?
- वयम् क्रीडाम् क्रीडिष्यामः। — हम सब खेल खेलेंगे।
3. लङ् लकार - क्रीड् धातु (अनद्यतन भूतकाल)
Past Tenseभूतकाल (बीते हुए समय) में खेलने की क्रिया का बोध कराने के लिए लङ् लकार का प्रयोग होता है:
| पुरुषः | एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् |
|---|---|---|---|
| प्रथम पुरुषः | अक्रीडत् | अक्रीडताम् | अक्रीडन् |
| मध्यम पुरुषः | अक्रीडः | अक्रीडतम् | अक्रीडत |
| उत्तम पुरुषः | अक्रीडम् | अक्रीडाव | अक्रीडाम |
- शिशुः गृहे अक्रीडत्। — बच्चा घर में खेला।
- ते क्रीडांगणे अक्रीडन्। — वे सब मैदान में खेले।
- अहम् ह्यः अक्रीडम्। — मैं कल खेला।
4. लोट् लकार - क्रीड् धातु (आज्ञा / प्रार्थना)
Imperative Moodआज्ञा देने, खेलने की अनुमति लेने या प्रेरणा हेतु लोट् लकार का प्रयोग किया जाता है:
| पुरुषः | एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् |
|---|---|---|---|
| प्रथम पुरुषः | क्रीडतु | क्रीडताम् | क्रीडन्तु |
| मध्यम पुरुषः | क्रीड | क्रीडतम् | क्रीडत |
| उत्तम पुरुषः | क्रीडानि | क्रीडाव | क्रीडाम |
- बालकः आनन्देन क्रीडतु। — बालक आनंद से खेले। (Let the boy play with joy)
- त्वम् बहिः क्रीड। — तुम बाहर खेलो। (You play outside)
- किम् अहम् सह क्रीडानि? — क्या मैं साथ खेलूँ? (May I play along?)
5. विधिलिङ् लकार - क्रीड् धातु (चाहिए अर्थ में)
Potential Moodचाहिए अर्थ, स्वास्थ्य के लिए खेलने की सलाह या परामर्श देने के लिए विधिलिङ् लकार का प्रयोग होता है:
| पुरुषः | एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् |
|---|---|---|---|
| प्रथम पुरुषः | क्रीडेत् | क्रीडेताम् | क्रीडेयुः |
| मध्यम पुरुषः | क्रीडेः | क्रीडेतम् | क्रीडेत |
| उत्तम पुरुषः | क्रीडेयम् | क्रीडेव | क्रीडेम |
- स्वास्थ्य रक्षायाइ बालकः क्रीडेत्। — स्वास्थ्य रक्षा के लिए बालक को खेलना चाहिए।
- त्वम् प्रतिदिनम् सायं क्रीडेः। — तुम्हें प्रतिदिन शाम को खेलना चाहिए।
- वयम् मिलित्वा क्रीडेम। — हमें मिलकर खेलना चाहिए।
📌 क्रीड् धातु रूप याद रखने के मुख्य नियम (Memory Tips)
- पठ् धातु से पूर्ण समानता: क्रीड् धातु के पाँचों लकारों के रूप बिल्कुल 'पठ्' तथा 'चल्' धातु की तरह ही बनते हैं (जैसे: पठति ➔ चलति ➔ क्रीडति)।
- लृट् लकार (भविष्यत्): क्रीड् में 'इ' आगम होकर क्रीडिष्यति, क्रीडिष्यतः, क्रीडिष्यन्ति रूप बनता है।
- लङ् लकार (भूतकाल): इसके प्रारंभ में उपसर्ग की तरह 'अ' (अक्रीडत्) लगता है।
- L-Shape विसर्ग नियम: लट् एवं लृट् लकार में विसर्ग (ः) L-आकार में प्रथम पुरुष द्विवचन, मध्यम पुरुष द्विवचन, उत्तम पुरुष द्विवचन एवं बहुवचन पर लगता है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
उत्तर: क्रीड् धातु का लृट् लकार प्रथम पुरुष बहुवचन 'क्रीडिष्यन्ति' होता है।
उत्तर: 'क्रीड्' धातु का अर्थ संस्कृत में 'खेलना' (To Play) होता है।
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