धेनु शब्दरूप (उकारान्त स्त्रीलिंग)-Dhenu Shabdroop









धेनु उकारान्त स्त्रीलिंग शब्द रूप (Dhenu Shabd Roop in Sanskrit)

संस्कृत व्याकरण में धेनु (गाय) उकारान्त स्त्रीलिंग संज्ञा शब्दों का मुख्य और प्रतिनिधि रूप है। यदि आप धेनु शब्द के रूप याद कर लेते हैं, तो आप रेणु (धूल), तनु (शरीर), रज्जु (रस्सी), और चञ्चु (चोंच) जैसे सभी उकारान्त स्त्रीलिंग शब्दों के रूप आसानी से बना सकते हैं।

धेनु स्त्रीलिंग शब्द रूप तालिका (Dhenu Shabd Roop Table)

विभक्ति (Vibhakti) एकवचनम् (Ekavachanam) द्विवचनम् (Dvivachanam) बहुवचनम् (Bahuvachanam)
प्रथमा धेनुः धेनू धेनवः
द्वितीया धेनुम् धेनू धेनूः
तृतीया धेन्वा धेनुभ्याम् धेनुभिः
चतुर्थी धेनवे / धेन्वै धेनुभ्याम् धेनुभ्यः
पञ्चमी धेनोः / धेन्वाः धेनुभ्याम् धेनुभ्यः
षष्ठी धेनोः / धेन्वाः धेन्वोः धेणूनाम् / धेनूनाम्
सप्तमी धेनौ / धेन्वाम् धेन्वोः धेनुषु
सम्बोधनम् हे धेनो! हे धेनू! हे धेनवः!

महत्वपूर्ण बिंदु (Key Points):

  • धेनु शब्द उकारान्त (जिसके अंत में छोटे 'उ' की ध्वनि आती है) और स्त्रीलिंग शब्द है।
  • इकारान्त स्त्रीलिंग शब्दों (जैसे मति) की ही तरह चतुर्थी, पञ्चमी, षष्ठी और सप्तमी विभक्ति के एकवचन में दो-दो रूप बनते हैं (जैसे चतुर्थी में धेनवे और धेन्वै)।
  • इसी पैटर्न पर रेणु, तनु, रज्जु, चञ्चु आदि के रूप बनते हैं।
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