राजन् शब्दरूप (नकारान्त पुल्लिंग)- Rajan Shabdroop


 

राजन् नकारान्त पुल्लिंग शब्द रूप (Rajan Shabd Roop in Sanskrit)

संस्कृत व्याकरण में राजन् (राजा) शब्द नकारान्त पुल्लिंग संज्ञा शब्दों का मुख्य और प्रतिनिधि रूप है। यदि आप राजन् शब्द के रूप याद कर लेते हैं, तो आप आत्मन्, सीमन्, और कर्मन् जैसे कई महत्वपूर्ण नकारान्त शब्दों के रूप भी आसानी से समझ सकते हैं।

राजन् शब्द रूप तालिका (Rajan Shabd Roop Table)

विभक्ति (Vibhakti) एकवचनम् (Ekavachanam) द्विवचनम् (Dvivachanam) बहुवचनम् (Bahuvachanam)
प्रथमा राजा राजानौ राजानः
द्वितीया राजानम् राजानौ राज्ञः
तृतीया राज्ञा राजभ्याम् राजभिः
चतुर्थी राज्ञे राजभ्याम् राजभ्यः
पञ्चमी राज्ञः राजभ्याम् राजभ्यः
षष्ठी राज्ञः राज्ञोः राज्ञाम्
सप्तमी राज्ञि / राजनि राज्ञोः राजसु
सम्बोधनम् हे राजन्! हे राजानौ! हे राजानः!

महत्वपूर्ण बिंदु (Key Points):

  • राजन् शब्द रूप नकारान्त (जिसके मूल रूप के अंत में हलन्त 'न्' आता है) और पुल्लिंग शब्द है।
  • सप्तमी विभक्ति के एकवचन में दो रूप बनते हैं—राज्ञि और राजनि
  • द्वितीया बहुवचन से 'अ' का लोप होने पर 'राज्ञ' (राज् + ञ्) से बने रूप (राज्ञः, राज्ञा, ज्ञे आदि) चलते हैं।
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